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VYAVASTHIT
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पपीता एक लोकप्रिय फलदार फसल है। वर्मीकम्पोस्ट पौधों की जड़ों को मजबूत करता है, फल का आकार और स्वाद बेहतर बनाता है और रोगों से बचाव में मदद करता है।
| अवस्था | समय | मुख्य कार्य |
|---|---|---|
| रोपाई | जून–जुलाई | गड्ढों में वर्मीकम्पोस्ट के साथ रोपाई |
| वृद्धि | 30–90 दिन | सिंचाई व टॉप ड्रेसिंग |
| फल आना | 4–6 महीने | मिट्टी की उर्वरता बनाए रखना |
| कटाई | 8–10 महीने | पके हुए फलों की तुड़ाई |
प्र: एक पौधे को कितना वर्मीकम्पोस्ट देना चाहिए?
उ: रोपाई के समय 2–3 किग्रा और वृद्धि अवस्था में 1–2 किग्रा।
प्र: क्या यह बीमारियों से बचाव करता है?
उ: हां, यह फ्यूज़ेरियम और जड़ संबंधी रोगों से बचाव में मदद करता है।
प्र: क्या इससे फल की गुणवत्ता बढ़ती है?
उ: हां, पपीते मीठे, पौष्टिक और अधिक समय तक सुरक्षित रहते हैं।
पपीता खेती के लिए पोषक तत्वों से भरपूर वर्मीकम्पोस्ट प्राप्त करें। फलों की गुणवत्ता और उत्पादन दोनों बढ़ाएं।
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